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फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग

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बागवानी (Horticulture)
Horticulture ITI Trade

आईटीआई बागवानी ट्रेड पाठ्यक्रम 

आईटीआई "बागवानी" ट्रेड एक वर्षीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) द्वारा क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) के तहत संचालित होता है। यह कोर्स प्रशिक्षुओं को फल, सब्जियाँ, फूल, और सजावटी पौधों की खेती, नर्सरी प्रबंधन, भूसज्जा, और टिकाऊ बागवानी तकनीकों में कौशल प्रदान करता है। पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान, प्रायोगिक खेती विधियाँ, और रोजगार योग्यता कौशल शामिल हैं, जो छात्रों को कृषि फर्मों, सरकार

मृदा परीक्षण और फसल तकनीशियन
Soil Testing and Crop Technician

During the one-year duration of “Soil Testing and Crop Technician” trade a candidate is trained on professional skill, professional knowledge and Employability skillrelated to job role. In addition to this a candidate is entrusted to undertake project work and extracurricular activities to build up confidence. The broad components covered under Professional Skill subject are as below:-

फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग
Floriculture & Landscaping

आईटीआई फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग ट्रेड 

       आईटीआई "फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग" ट्रेड एक वर्षीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) द्वारा क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) के तहत संचालित होता है। यह कोर्स प्रशिक्षुओं को फूलों और सजावटी पौधों की खेती, लैंडस्केप डिज़ाइन, और आवासीय, वाणिज्यिक, और सार्वजनिक स्थानों के लिए उद्यानों के रखरखाव में कौशल प्रदान करता है। पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान, प्रायोगिक बागवानी कौशल, और रोजगार योग्यता प्रशिक्षण शामिल है, जो छात्रों को बागवानी फर्मों,

Floriculture & Landscaping

आईटीआई फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग ट्रेड 

       आईटीआई "फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग" ट्रेड एक वर्षीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) द्वारा क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) के तहत संचालित होता है। यह कोर्स प्रशिक्षुओं को फूलों और सजावटी पौधों की खेती, लैंडस्केप डिज़ाइन, और आवासीय, वाणिज्यिक, और सार्वजनिक स्थानों के लिए उद्यानों के रखरखाव में कौशल प्रदान करता है। पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान, प्रायोगिक बागवानी कौशल, और रोजगार योग्यता प्रशिक्षण शामिल है, जो छात्रों को बागवानी फर्मों, लैंडस्केपिंग कंपनियों में फ्लोरीकल्चरिस्ट, लैंडस्केपर, नर्सरी मैनेजर, या उद्यान रखरखाव कार्यकर्ता, या स्व-रोजगार पेशेवरों के रूप में भूमिकाओं के लिए तैयार करता है।    

कोर्स का संक्षिप्त विवरण

  • अवधि: 1 वर्ष (2 सेमेस्टर, प्रत्येक 6 महीने)
  • एनएसक्यूएफ स्तर: स्तर 4
  • योग्यता: न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण (या समकक्ष)
  • उद्देश्य: फ्लोरीकल्चर तकनीकों, लैंडस्केप डिज़ाइन, और उद्यान रखरखाव में प्रशिक्षण देना ताकि सौंदर्यपूर्ण और टिकाऊ हरे स्थान बनें।

विस्तृत पाठ्यक्रम विभाजन 

1. ट्रेड थ्योरी (सैद्धांतिक ज्ञान)

       फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग की मूलभूत अवधारणाओं को कवर करता है।    

  • सेमेस्टर 1
    • फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग का परिचय
      • फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग उद्योग का अवलोकन: दायरा, रुझान, अवसर।
      • फ्लोरीकल्चरिस्ट और लैंडस्केपर की भूमिका: पौधों की खेती, उद्यान डिज़ाइन, रखरखाव।
      • पौधों के प्रकार: सजावटी, फूल, पत्तेदार, मौसमी, बारहमासी।
    • पौध विज्ञान मूल बातें
      • पौधों की आकृति विज्ञान: जड़, तना, पत्तियाँ, फूलों की संरचना।
      • मिट्टी के प्रकार: रेतीली, चिकनी, दोमट – गुण, पौधों के लिए उपयुक्तता।
      • पौध प्रजनन: बीज, कटिंग, ग्राफ्टिंग, लेयरिंग तकनीकें।
    • उपकरण और औज़ार
      • बागवानी उपकरण: कुदाल, खुरपी, कैंची, पानी के डिब्बे, स्प्रेयर।
      • उपकरण: लॉनमोवर, हेज ट्रिमर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली।
      • रखरखाव: उपकरणों की सफाई, तेज करना, सुरक्षित भंडारण।
    • फ्लोरीकल्चर तकनीकें
      • फूलों की खेती: गुलाब, गेंदा, क्राइसेंथमम, ऑर्किड।
      • ग्रीनहाउस प्रबंधन: तापमान, आर्द्रता, प्रकाश नियंत्रण।
      • नर्सरी प्रबंधन: अंकुर देखभाल, गमले में रोपण, स्थानांतरण।
    • लैंडस्केप डिज़ाइन मूल बातें
      • डिज़ाइन सिद्धांत: संतुलन, समरूपता, केंद्र बिंदु, रंग सामंजस्य।
      • लैंडस्केप के प्रकार: औपचारिक, अनौपचारिक, शहरी, ग्रामीण उद्यान।
      • स्थल विश्लेषण: मिट्टी, जलवायु, स्थलाकृति का लैंडस्केपिंग के लिए आकलन।
    • सुरक्षा और स्वच्छता
      • कार्यस्थल सुरक्षा: तेज उपकरण, रसायन, भारी उपकरण संभालना।
      • व्यक्तिगत स्वच्छता: सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने, हाथ धोना।
      • पर्यावरणीय सुरक्षा: कीटनाशकों, उर्वरकों का सुरक्षित उपयोग, कचरा निपटान।
  • सेमेस्टर 2
    • उन्नत फ्लोरीकल्चर
      • वाणिज्यिक फूल उत्पादन: कट फूल, गमले के पौधे, निर्यात मानक।
      • कीट और रोग प्रबंधन: कीड़े, कवक, वायरस की पहचान और नियंत्रण।
      • कटाई के बाद हैंडलिंग: फूल भंडारण, पैकेजिंग, परिवहन।
    • उन्नत लैंडस्केपिंग
      • लैंडस्केप योजना: पार्क, आवासीय उद्यान, कॉर्पोरेट परिसर डिज़ाइन।
      • हार्डस्केपिंग: रास्ते, फव्वारे, पेर्गोला, रिटेनिंग दीवारें।
      • सॉफ्टस्केपिंग: लॉन, झाड़ियाँ, पेड़, ग्राउंड कवर सौंदर्य के लिए।
    • सिंचाई और जल प्रबंधन
      • सिंचाई प्रणालियाँ: ड्रिप, स्प्रिंकलर, मैनुअल पानी देने की तकनीकें।
      • जल संरक्षण: मल्चिंग, वर्षा जल संचयन, ज़ेरीस्केपिंग।
      • जल निकासी प्रणालियाँ: उद्यानों में जलभराव रोकना।
    • पौध पोषण और मिट्टी प्रबंधन
      • उर्वरक: जैविक (खाद, गोबर), अजैविक (NPK) – अनुप्रयोग विधियाँ।
      • मिट्टी परीक्षण: pH, पोषक तत्व स्तर, मिट्टी उर्वरता में सुधार।
      • खाद बनाना: टिकाऊ बागवानी के लिए खाद बनाना और उपयोग।
    • पेशेवर कौशल
      • ग्राहक परामर्श: लैंडस्केप प्राथमिकताएँ, बजट समझना।
      • उद्यमिता: नर्सरी, लैंडस्केपिंग व्यवसाय, या फूल की दुकान शुरू करना।
      • बाजार रुझान: पर्यावरण-अनुकूल उद्यान, वर्टिकल गार्डन, देशी पौधों की मांग।

2. ट्रेड प्रैक्टिकल (हाथों से कौशल)

       प्रायोगिक फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग तकनीकों पर केंद्रित।    

  • सेमेस्टर 1
    • पौध प्रजनन अभ्यास
      • बीज बोना: गेंदा जैसे फूलों के लिए बीजपटल, ट्रे तैयार करना।
      • कटिंग लेना: गुलाब, हिबिस्कस के लिए वानस्पतिक प्रजनन।
      • ग्राफ्टिंग/लेयरिंग अभ्यास: सजावटी पौधे, फलदार पेड़।
    • नर्सरी प्रबंधन
      • गमले का मिश्रण तैयार करना: मिट्टी, रेत, खाद अनुपात।
      • अंकुर स्थानांतरण: ट्रे से गमलों या उद्यान क्यारियों में।
      • नर्सरी बेड रखरखाव: पानी देना, छायांकन, निराई।
    • फूल खेती
      • मौसमी फूल उगाना: पेटूनिया, ज़िनिया, सूरजमुखी क्यारियों/गमलों में।
      • ग्रीनहाउस प्रबंधन: ऑर्किड, लिली के लिए प्रकाश, आर्द्रता नियंत्रण।
      • छँटाई और सहारा देना: फूल पौधों के स्वस्थ विकास के लिए।
    • बुनियादी लैंडस्केपिंग
      • छोटे उद्यान डिज़ाइन: घरेलू लॉन, फूल क्यारियों के लिए लेआउट।
      • झाड़ियाँ और पेड़ रोपण: सौंदर्य के लिए अंतर, गहराई, संरेखण।
      • बॉर्डर बनाना: किनारी पौधों, पत्थरों, या ईंटों का उपयोग।
    • उपकरण संचालन
      • बागवानी उपकरण उपयोग: खोदना, छँटाई, मिट्टी समतल करना।
      • उपकरण संचालन: उद्यान रखरखाव के लिए लॉनमोवर, स्प्रेयर।
      • उपकरण सफाई और भंडारण: दीर्घायु और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
    • प्रोजेक्ट कार्य
      • छोटा फूल उद्यान विकसित करना: बीज बोने से फूलने तक।
      • पौध वृद्धि, देखभाल तकनीकों, और परिणामों का दस्तावेजीकरण।
  • सेमेस्टर 2
    • उन्नत फ्लोरीकल्चर
      • वाणिज्यिक फूल खेती: बाजार बिक्री के लिए गुलाब, कार्नेशन।
      • कीट/रोग नियंत्रण: जैविक/अजैविक उपचार लागू करना।
      • फूल कटाई और पैकिंग: गुलदस्ते, फूल व्यवस्था तैयार करना।
    • उन्नत लैंडस्केपिंग
      • जटिल लैंडस्केप डिज़ाइन: थीम के साथ पार्क, कार्यालय उद्यान।
      • हार्डस्केप स्थापना: मॉक सेटअप में रास्ते, बेंच, जल सुविधाएँ।
      • बड़े पैमाने के उद्यान रोपण: पेड़, लॉन, मौसमी फूल क्यारियाँ।
    • सिंचाई और रखरखाव
      • ड्रिप सिंचाई सेटअप: फूल क्यारियों, सजावटी पौधों के लिए।
      • लॉन रखरखाव: स्वस्थ विकास के लिए कटाई, वातन, उर्वरक।
      • जल सुविधाएँ प्रबंधन: उद्यानों में तालाब, फव्वारे की सफाई।
    • मिट्टी और पोषण प्रबंधन
      • मिट्टी नमूने परीक्षण: प्रायोगिक सेटअप में pH, पोषक सामग्री।
      • उर्वरक लागू करना: पौधों को खाद, रासायनिक उर्वरक।
      • खाद गड्ढे बनाना: जैविक खाद के लिए उद्यान कचरा पुनर्चक्रण।
    • ग्राहक-आधारित कार्य
      • ग्राहक परियोजनाओं का अनुकरण: विशिष्टताओं के अनुसार उद्यान डिज़ाइन।
      • मौजूदा उद्यानों का रखरखाव: छँटाई, निराई, पुनरोपण।
      • लागत अनुमान तैयार करना: लैंडस्केपिंग, नर्सरी सेवाओं के लिए।
    • प्रोजेक्ट कार्य
      • पूर्ण लैंडस्केप डिज़ाइन और कार्यान्वयन (जैसे, आवासीय उद्यान)।
      • डिज़ाइन, पौध चयन, और रखरखाव योजनाओं के साथ पोर्टफोलियो प्रस्तुत करना।

3. वर्कशॉप कैलकुलेशन और विज्ञान

       फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग कार्यों के लिए गणितीय और वैज्ञानिक सहायता प्रदान करता है।    

  • सेमेस्टर 1
    • अंकगणित: बीज मात्रा, उर्वरक खुराक, उद्यान क्षेत्र गणना।
    • माप: पौध अंतर, मिट्टी आयतन, सिंचाई आवश्यकताएँ अनुमान।
    • वनस्पति विज्ञान: पौधों की शारीरिक रचना, प्रकाश संश्लेषण, पोषक अवशोषण मूल बातें।
  • सेमेस्टर 2
    • गणना: नर्सरी संचालन, लैंडस्केप परियोजनाओं की लागत।
    • ज्यामिति: उद्यान लेआउट डिज़ाइन, क्यारी आयाम गणना।
    • विज्ञान: मिट्टी रसायन, कीट जीवविज्ञान, जल धारण गुण।

4. इंजीनियरिंग ड्राइंग

       लैंडस्केप डिज़ाइनों के लिए तकनीकी ड्राइंग पर केंद्रित।    

  • सेमेस्टर 1: उद्यान लेआउट, फूल क्यारी पैटर्न, नर्सरी योजनाएँ रेखाचित्र।
  • सेमेस्टर 2: जटिल लैंडस्केप (जैसे, पार्क, परिसर) के लिए विस्तृत डायग्राम।

5. एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स

       नौकरी की तैयारी और सॉफ्ट स्किल्स को बढ़ाता है।    

  • सेमेस्टर 1
    • संचार कौशल: ग्राहकों के साथ पौध चयन, डिज़ाइन पर चर्चा।
    • समय प्रबंधन: रोपण, रखरखाव कार्य समय पर पूरा करना।
    • बुनियादी आईटी कौशल: नर्सरी डेटा, परियोजना योजनाएँ रिकॉर्ड करना।
  • सेमेस्टर 2
    • उद्यमिता: नर्सरी या लैंडस्केपिंग व्यवसाय योजना।
    • टीमवर्क: माली, डिज़ाइनर, आपूर्तिकर्ताओं के साथ सहयोग।
    • ग्राहक सेवा: ग्राहक प्रश्नों का समाधान, संतुष्टि सुनिश्चित करना।

मूल्यांकन और प्रमाणन

  • परीक्षाएँ: सेमेस्टर-वार आयोजित, जिसमें सैद्धांतिक और प्रायोगिक घटक शामिल हैं।
  • प्रमाणपत्र: सफल उम्मीदवारों को एनसीवीटी से नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी) प्रदान किया जाता है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
  • मूल्यांकन: फ्लोरीकल्चर कौशल, लैंडस्केपिंग गुणवत्ता, सैद्धांतिक ज्ञान, और प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर।

करियर अवसर

  • रोजगार: बागवानी फर्मों, लैंडस्केपिंग कंपनियों, या नगर निगम उद्यानों में फ्लोरीकल्चरिस्ट, लैंडस्केपर, नर्सरी मैनेजर, उद्यान रखरखाव कार्यकर्ता।
  • स्व-रोजगार: नर्सरी, फूल की दुकान, या लैंडस्केपिंग सेवा शुरू करना।
  • आगे की पढ़ाई: बागवानी, लैंडस्केप आर्किटेक्चर, या कृषि-व्यवसाय में डिप्लोमा।

नोट

  • यह पाठ्यक्रम नवीनतम एनसीवीटी दिशानिर्देशों के साथ संरेखित है और संस्थागत या राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।
  • सबसे नवीनतम संस्करण के लिए, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (डीजीटी) या अपने स्थानीय आईटीआई से संपर्क करें।
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